

माँ ने मुझे ऐसे देखा जैसे मैं किसी और ही भाषा में बोल रहा हूँ और फिर वे बोली, ‘चिली कहाँ खो गया!’ अब मेरा गुस्सा बढ़ गया। “अगर मुझे पता होता कि वह कहाँ खो गया है ‘तो वह खो गया है’ ऐसा मैं कहता ही नहीं न!”
तो माँ ने मुझसे कहा, ‘अरे, चिली तो तुम्हारे पलंग पर सो रहा है। तुम्हारे सारे लड्डू खा गया।’ मैंने उसे कहा कि ‘रहने दो, तुम्हारा पेट फट जाएगा।’ पर वह नहीं रुका। कहने लगा, ‘मैं आलू को सजा दूँगा। उसके सारे लड्डू खा जाऊँगा। फिर उसे पता चेलेगा।’ मैं उसका बेस्ट फ्रेन्ड हूँ फिर भी वह कोको की साइड लेता है। आज भूखा रहेगा तो पता चलेगा! बोलता गया और खाता गया। मैंने उससे पूछा, ‘क्या तुम्हारा और आलू का झगड़ा हुआ है?’
तो कहता है, ‘आन्टी, मैंने आलू से कहा कि आज से हमारी फ्रेन्ड्शिप खतम। लेकिन ऐसा कहा तो आलू रोने लगा और आप तो जानती ही हैं कि जब वह रोता है तो मुझे बहुत दुःख होता है। उसने चाहे कितना भी बुरा किया हो लेकिन वह मेरी वजह से रोए तो मुझे कैसे अच्छा लग सकता है? इसलिए मैंने फ्रेन्ड्शिप तोड़ना कैंसल कर दिया। मैं सारे लड्डू खा जाऊँगा और उसके साथ झगड़ा भी करूँगा। आज आप मुझे रोकना मत।’
उसने इतने लड्डू खा लिए कि वह यहाँ से उठ भी नहीं पा रहा था। फिर मैंने उसे उठाकर तुम्हारे पलंग पर बिठा दिया। जैसे ही मैंने उसे पलंग पर बिठाया, वह सो गया। एक घंटा हो गया, वह इतनी ज़ोर-ज़ोर से खर्राटे ले रहा है कि तुम्हारे पापा आवाज से तंग आकर बाहर चले गए।




