आलू-चिली - चैप्टर-२०

चिली और आलू के झगड़े के बाद चिली कहीं मिल नहीं रहा था। उसे ढूँढ़ते-ढूँढ़ते आलू नदी किनारे जाता है। वहाँ पार्सली को पानी में तैरता देखकर आलू गुस्सा हो जाता है। अब आगे...
पार्सली को पानी में तैरते हुए देखकर मैंने गुस्से से पूछा, ‘पार्सली, तुम चिली को ढूँढ़ने के बजाय यह क्या कर रहे हो?’
पार्सली ने कहा, ‘आलूभाई, इतना भी नहीं पता? मैं यहाँ अपने फ्यूचर बेस्ट फ्रेन्ड का इंतजार कर रहा हूँ। जिस तरह आप चिली को मिले थे वैसे ही मुझे भी यहाँ मेरा बेस्ट फ्रेन्ड मिलेगा!’ कहकर वह हँसने लगा। मुझे सच में लगता है कि पार्सली के दिमाग के तार हिल गए हैं। सब घबराए हुए चिली को ढूँढ़ रहे हैं और यह पार्सली अपने बेस्ट फ्रेन्ड की खोज में लगा है! ऐसा कौन करता है?!
चिली की मम्मी ने मुझसे घर जाने को कहा। उन्हें विश्वास था कि रात होने पर चिली घर आ जाएगा। उन्होंने पार्सली को भी चिली शेक का लालच देकर घर भेज दिया।
लेकिन मैं घर नहीं जाना चाहता था। मेरा बेस्ट फ्रेन्ड मुझसे दुःखी होकर कहीं चला गया था। सच कहूँ तो, अब मुझे चिली की बहुत चिंता हो रही थी।
मैंने घर पर माँ को देखा और मैं दौड़कर उनके गले लग गया। मैंने कहा ‘माँ, चिली...’ तो माँ ने कहा ‘चिंता मत करो, मैं तुम्हें नए फ्रेश लड्डू बनाकर दूँगी।’ आज सबको क्या हो गया है? चिली मिल नहीं रहा है और एक तरफ पार्सली बेस्ट फ्रेन्ड ढूँढ़ने निकला है, वहीं दूसरी तरफ माँ लड्डू की बात कर रही है। मैंने गुस्से से कहा, ‘माँ, एक तो चिली मिल नहीं रहा है और आप लड्डू-लड्डू कर रही हो? मेरी तो भूख ही मर गई है।’ तो माँ ने कहा ‘क्या? चिली नहीं मिल रहा?’ 
‘हाँ माँ, पूरे जंगल में ढूँढ़ा पर कहीं नहीं मिला।’

माँ ने मुझे ऐसे देखा जैसे मैं किसी और ही भाषा में बोल रहा हूँ और फिर वे बोली, ‘चिली कहाँ खो गया!’ अब मेरा गुस्सा बढ़ गया। “अगर मुझे पता होता कि वह कहाँ खो गया है ‘तो वह खो गया है’ ऐसा मैं कहता ही नहीं न!”

तो माँ ने मुझसे कहा, ‘अरे, चिली तो तुम्हारे पलंग पर सो रहा है। तुम्हारे सारे लड्डू खा गया।’ मैंने उसे कहा कि ‘रहने दो, तुम्हारा पेट फट जाएगा।’ पर वह नहीं रुका। कहने लगा, ‘मैं आलू को सजा दूँगा। उसके सारे लड्डू खा जाऊँगा। फिर उसे पता चेलेगा।’ मैं उसका बेस्ट फ्रेन्ड हूँ फिर भी वह कोको की साइड लेता है। आज भूखा रहेगा तो पता चलेगा! बोलता गया और खाता गया। मैंने उससे पूछा, ‘क्या तुम्हारा और आलू का झगड़ा हुआ है?’

तो कहता है, ‘आन्टी, मैंने आलू से कहा कि आज से हमारी फ्रेन्ड्शिप खतम। लेकिन ऐसा कहा तो आलू रोने लगा और आप तो जानती ही हैं कि जब वह रोता है तो मुझे बहुत दुःख होता है। उसने चाहे कितना भी बुरा किया हो लेकिन वह मेरी वजह से रोए तो मुझे कैसे अच्छा लग सकता है? इसलिए मैंने फ्रेन्ड्शिप तोड़ना कैंसल कर दिया। मैं सारे लड्डू खा जाऊँगा और उसके साथ झगड़ा भी करूँगा। आज आप मुझे रोकना मत।’

उसने इतने लड्डू खा लिए कि वह यहाँ से उठ भी नहीं पा रहा था। फिर मैंने उसे उठाकर तुम्हारे पलंग पर बिठा दिया। जैसे ही मैंने उसे पलंग पर बिठाया, वह सो गया। एक घंटा हो गया, वह इतनी ज़ोर-ज़ोर से खर्राटे ले रहा है कि तुम्हारे पापा आवाज से तंग आकर बाहर चले गए।

 

 

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