आलू-चिली - चैप्टर-२४

आलू ने चिली को टाको और ब्राउनी की बात बताई। ब्राउनी, जो टाको का सबसे अच्छा फ्रेन्ड था, उस पर रेसकोर्स जीतने की धुन सवार थी और वह जीत भी गया। लेकिन वह इतना फास्ट दौड़ा कि फिनिश लाइन क्रॉस करते ही बेहोश हो गया और उसे हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा। इस बात से टाको बहुत दुःखी हुआ और वह उसके होश में आने का इंतज़ार कर रहा था। अब आगे क्या हुआ, यह आलू बताएगा।

जब ब्राउनी होश में आया तब डॉक्टर ने उसे बताया कि उसके फेफड़ों को इतना ज्यादा नुकसान पहुँचा है कि अब वह कभी रेस में नहीं दौड़ पाएगा और अगर दौड़ेगा तो अपनी जान गँवा बैठेगा। जिस रेस में वह जीता, वह उसकी आखिरी रेस बन गई। इतना ही नहीं, उसने अपनी इस हालत के लिए टाको को जिम्मेदार माना और उसके साथ फ्रेन्डशिप तोड़ दी। ब्राउनी उसके साथ बात करने के लिए भी तैयार नहीं था।
उस दिन से टाको को रेसकोर्स से नफरत हो गई। यह कैसी स्पर्धा! जो इंसान को अंधा बना देती है। ब्राउनी ने अपने जीवन की भी परवाह नहीं की! और उसकी इस हालत में टाको का क्या कसूर था? और बस, फिर तो जिस आकाश, जिस गीली मिट्टी और जिस शोर से उसे खुशी मिलती थी, उन सबको उसने छोड़ दिया। वापस आने के बाद उसका दौड़ने का मन करता था, लेकिन ब्राउनी का चेहरा और हालत याद आते ही उसे फिर से रेसकोर्स जाने की इच्छा नहीं थी।

ऐसे ही छह महीने बीत गए। टाको रेसकोर्स में नहीं जाना चाहता था और दौड़े बिना उसे अच्छा नहीं लगता था। फिर एक बार शाम को अपने ही विचारों से थककर वह अस्तबल से बाहर निकला और दौड़ने लगा। वह लगभग एक घंटे तक दौड़ा। जैसे-जैसे वह दौड़ता गया, वैसे-वैसे उसे हल्का महसूस होने लगा। रेसकोर्स नहीं था, शोर नहीं था। लेकिन वही नीला आकाश और पैरों के नीचे वही मिट्टी थी। दूर पहाड़ों के बीच लुका-छिपी खेलते और उसका उत्साह बढ़ाते सूरज दादा थे। जब सूरज दादा अस्त हुए, तभी टाको रुका। और मानो सूरज दादा उसे कोई आशा की किरण देकर गए हों, वैसे आकाश की ओर देखकर वह बोला, 'थैंक यू!'
उसे एहसास हुआ कि रेसकोर्स के बिना भी उसे दौड़ने में मज़ा आता है। बस तभी से टाको रोज़ दौड़ता है। लेकिन रेस के लिए या जीतने के लिए नहीं, सिर्फ इसलिए क्योंकि दौड़ना उसे पसंद है। वह रेस में जितनी स्पीड से दौड़ता था, अब उससे डबल स्पीड से दौड़ता है, पता है क्यों? क्योंकि अब वह अपने आप से होड़ लगाता है।

'वह कैसे?' चिली ने आश्चर्य से पूछा।

'उसने पापा से एक स्टॉपवॉच बनवाई है। वह रोज़ उसे चालू करके दौड़ता है और जंगल का राउन्ड पूरा करके अपना टाइम नोट करता है। और रोज़ पिछले दिन के टाइम से कम टाइम में राउन्ड पूरा करने की कोशिश करता है। चिली, उसे जीतने के लिए किसी और को हराने की ज़रूरत ही नहीं है। वह खुद को हराकर खुद ही जीतता है।'
हाँ, वह अभी भी यूट्यूब पर रेसकोर्स के, बेस्ट हॉर्स वीडियो देखता है। लेकिन उन्हें हराने के लिए नहीं, अपना परफॉमन्स और बेहतर करने के लिए! चिली, वह खुश है। सबसे बेस्ट नहीं है, फिर भी खुश है!

वह अपने बेस्ट फ्रेन्ड को खोकर यह बात समझा है कि ईर्ष्या से सिर्फ और सिर्फ नुकसान ही होता है, और यह तो वह ईर्ष्या थी जो ब्राउनी को उसके प्रति हुई थी। और उस ईर्ष्या में ब्राउनी तो सब कुछ खो बैठा और जीतने के बाद भी हार गया। जब तुमने मुझसे कहा कि, 'मैं क्यों कोको को सुनूँ? उसे मुझसे सीखना चाहिए। मैं तो बेस्ट हूँ।' तब मैंने तुम्हारी आँखों में कोको के लिए वही ब्राउनी वाली खुन्नस देखी और मैं डर गया। इसलिए मैं तुम्हें बताने आया कि तुम जीतो या हारो, तुम बेस्ट ही रहोगे!
मैंने पार्टी में तुम्हारे बचपन से लेकर अब तक के सिंगिंग के सभी फोटोज़ रखे थे। क्योंकि मैं तुम्हें बताना चाहता था कि जब तुमने शुरू किया था, तब से लेकर आज तक तुम्हारे गाने में कितना सुधार हुआ है। और तुम और भी बेस्ट बनोगे, लेकिन किसी और से बेस्ट नहीं, तुम अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़ दोगे और बेस्ट बनोगे।

चिली, आज कोको है, कल कोई और आएगा जो तुमसे बेहतर होगा। अगर तुम उन सबसे बेस्ट बनने के लिए दौड़ते रहोगे, तो तुम भी ब्राउनी की तरह ही थक जाओगे। कितना भी जीतने के बाद भी तुम खुश नहीं रह पाओगे। आज एक कोको के प्रति ईर्ष्या से तुम्हारा पूरा शरीर जल रहा है, यह ईर्ष्या की जलन बढ़ती ही जाएगी। जिस सिंगिंग से तुम्हें खुशी मिलती है, वही तुम्हारे दुख का कारण बन जाएगी। और वह मैं कभी नहीं होने दूँगा।

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